Monday, October 25, 2021 - 22:23

कोरबा (गोंडवाना छत्तीसगढ़ न्यूज)14 दिसम्बर 2020 ( ब्यूरो चीफ) बीते रात को जिले के पसान वन परिक्षेत्र के तनेरा वीट के अंदरुनी इलाकों के आसपास गांवो में इन दिनों भारी भरकम हाथियो की विचरण से गॉव के लोगो की जीना दू भर कर दिया है। लोगों की माने तो सप्ताह भर के भीतर एक हाथी द्वारा तीन लोगो को कुचल कर मार डालने की घटना से इलाका थर्रा उठा है। इस घटना से लोग दहशत में हैं । सप्ताह भर के पहले ग्राम बर्रा के घासीराम गोंड ग्राम हरदेवा के आश्रित गॉव है।और इसी पंचायत मुख्यालय के निवासी बुद्धराम गोंड को आज वही हाथी ने कुचल डाला। दो दिन पहले ग्राम पंचायत अड़सरा के पंडो पारा निवासी एक महिला बुद्धनीबाई पंडो को यही हाथी पटक पटक कर मार डाला है। कुल मिलाकर यह हाथी अपने झुंड से अलग केवल दो की संख्या में विछुड़ गए हैं। जिससे लगता है। जिससे आक्रामक मूड में हैं। लोगों की मानें तो प्रशासन की ओर से मुनादी की कमी बताया जा रहा है। यहां से महज 5 किलोमीटर की दूरी ग्राम तनेरा में वन विभाग का एक परिक्षेत्र सहायक कार्यालय है। जहां दिन भर हाथी बचाव के लिए एक वाहन खड़ी रहती है। पर प्रभावित इलाकों में समय पूर्व मुनादी नहीं करवायी जाती। इस बात को लेकर गोंडवाना छत्तीसगढ़ न्यूज की ओर से बुद्धनी पंडो के पति मानसाय पंडो से पूछे गए सवालों के जवाब उन्होनें बताया कि हाथियोँ ने जब मेरे पत्नी को मौत का घाट उतार के बाद सुबह जब परिजनों की ओर से वन विभाग को फोन करने पर मौके पर आये थे। तथा पहले कोई मुनादी तक ंनहीं करवाया गया था। जबकि 1किलोमीटर की दूरी पर तनेरा स्थित वन विभाग का एक परिक्षेत्र सहायक का कार्यालय है। जहां हाथी बचाव दल का एक वाहन आये दिन खड़ी देखी जाती है । इस संबंध में न्यूज की ओर से जब पसान स्थित परिक्षेत्र कार्यालय के परिक्षेत्र अधिकारी से बात न होने पर सहायक परिक्षेत्र अधिकारी शिवशंकर तिवारी से दूरभाष मोबाइल में जब जानकारी पूछा गया। कि घटना के पूर्व वन विभाग द्वारा क्या मुनादी किया जाता है । इस बात से भड़क उठे।गौरतलब उक्त वन अधिकारी आक्रामक तेवर में जबाब देने लगा कि, क्या हम फांसी लगा लें।क्या हमारा ट्रांसफर करा दोगे।इस प्रकार से टेढे जुबान से बात करना लोकहित में न्यायोचित नहीं लगा।यह एक लोकसेवक के लिए जबाब देना उचित नहीं था। जो लोक सेवक की दायित्व के विरुद्ध उचित कृत्य नहीं है। प्रशासन को चाहिये कि भोले भाले आदिवासी हाथी प्रभावित संवेदनशील इलाकों में नैतिक जिम्मेदारी व दायित्वों को समझे ऐसे कर्मचारियों की तैनाती हो। तथा जनता के बीच सौहार्दपूर्ण व्यवहार हो।

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